ऑडिटोरियम का प्रस्ताव बनाने के लिए दिए निर्देश |

ऑडिटोरियम का प्रस्ताव बनाने के लिए दिए निर्देश |

#धौलपुर 28 मई, जिला निष्पादक समिति की बैठक जिला कलक्टर नेहा गिरि की अध्यक्षता मे कलक्ट्रेट मे आयोजित की गई। बैठक मे उन्होंने नामाकंन एवं प्रवेशोत्सव, अनामांकित एवं ड्रापआउट विद्यार्थियो को मेनस्ट्रीमिग, आदर्श एवं उत्कृष्ट विद्यालयों, आदर्श एवं उत्कृष्ट विद्यालयों में खेल मैदान, विद्यालयों में विभिन्न स्कीमों से प्राप्त बजट, विद्यालयों में आईसीटी लैब, विद्यालयों मे पेयजल, विद्युत उपलब्धता, मॉडल विद्यालय, शारदे बालिका छात्रावास, ट्रॉसपोर्ट वाउचर योजना, विभाग की समस्याऐं तथा अन्य विषयों की समीक्षा करते हुए बालिका शिक्षा पर जोर देते हुए सर्वे के माध्यम से प्रत्येक घर की बालिकाओं के अध्ययनरत होने का पता लगाने और उसका रैन्डमली वैरिफिकेशन किये जाने पर बल दिया। विद्यालय क्रमोन्नति का और व्यवसायिक शिक्षा के अन्तर्गत नवीन ट्रेडों के प्रस्ताव पुनः भिजवाये जाने एवं विभाग की समस्त योजनाओं को कैम्पैन के माध्यम से प्रतिमाह प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि शत-प्रतिशत दिव्यांगजन बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के साथ ही सभी संस्था प्रधानों से दिव्यांगजनों को दी जाने वाली सहायता राशि का प्रमाण पत्रा लेना सुनिश्चित करें। जो दिव्यांगजन छात्रा-छात्राऐं सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत है उनको सरकारी सहायता राशि प्रदान की जा चूकी है एवं विद्यालय नए सत्रा में खुलते समय दिव्यांगजनों का सर्वे कर सभी दिव्यांगों को शिक्षा से जोड़ना सुनिश्चित करें। सरकारी विद्यालयों मे अध्ययनरत दिव्यांगों के राजकीय भत्ता प्राप्त करने के लिए सभी संस्था प्रधान ऑनलाइन आवेदन करना सुनिश्चित करें। आधार कार्ड से वंचित सभी छात्रा-छात्राओं का आधार कार्ड बनवाए जाना के निर्देश दिए। आईसीटी लैब के लिए पंचायत समिति स्तर पर छात्रा-छात्राओं को बेसिक कोर्स कराने के लिए पंचायत सहायकों को कम्प्यूटर का प्रशिक्षण दिया जाना सुनिश्चित करें। कम्प्यूटर प्रशिक्षण के लिए पंचायत सहायकों का चयन कर सूची प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि दिव्यांगों का सर्वे कर सूची का मिलान किया जाए जिससे उनको अंग उपकरण वितरण के लिए एलिम्को द्वारा अंग उपकरण उपलब्ध करवाए जा सकें। उन्होंने ऑडिटोरियम का प्रस्ताव बनाने के लिए निर्देश दिए है। ऑडिटोरियम छात्रा-छात्राओं के लिए स्कूल कैम्पस के अन्दर ही होना चाहिए तथा पुस्तकालय का मॉडल प्रस्ताव भी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नए सत्रा में विद्यालय खुलते ही शिक्षा से वंचित बालक-बालिकाओं का शत-प्रतिशत रजिस्ट्रेशन होना चाहिए। इसके लिए डोर-टू-डोर सर्वे किया जाना आवश्यक है। इसके लिए सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से भी सहयोग लेकर जिले के अंतिम छोर पर बैठे बालक-बालिकाओं को शिक्षा लाभ मिल सकें। इसके लिए अपने दायित्व के साथ पूर्ण जिम्मेदारी निभानी होगी।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद शिवचरण मीना ने कहा कि विद्यालय खुलने से पहले विद्यालयों की शौचालयों की सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मोठियापुरा कस्तूरबा गांधी विद्यालय मे पेयजल व्यवस्था किया जाना सुनिश्चित करें एवं प्रेरणा नगर शारदे आवासीय विद्यालय के लिए ग्रेवल सड़क डालते हुए उसका समतलीकरण किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सभी के लिए शिक्षा के अधिकार के तहत निजि विद्यालय के साथ ब्लॉक स्तर पर बैठक किया जाना सुनिश्चित करें। बैठक मे जिला शिक्षा अधिकारी, एवं प्रधानाचार्य सहित समस्त सदस्य उपस्थित रहें।

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