खुले आम रात को हो रही है बजरी की कालाबाजार

खुले आम रात को हो रही है बजरी की कालाबाजार

सवाई माधोपुर उपखंड मलारना डूंगर के मुख्य नदियों पर दिन रात 24 घंटे अवैध बजरी के खनन हो रहा हैं, प्रशासन को खबर फिर भी इन अवैध खनन माफियाओं पर कार्रवाई नहीं होती। प्रशासन और पुलिस की मिलीभगत के कारण बनास नदी से उपखंड मलारना डूंगर मुख्यालय के आदि गावो की नदियो पर दिन रात अवैध बजरी खनन माफिया बजरी का खनन कर रहे हैं, ग्रामीणों ने कई बार इसकी सूचना पुलिस को दी पुलिस मौके पर पहुंचती जरूर है, पर कार्रवाई नहीं करती बीते कई सालो से इन नदियों का सीना चीरा जा रहा है, बनास नदी की हालत बदतर हो चुकी है ,नदियों में 25 फुट 30 फुट खड्ढे कर दिए गए हैं, आने वाले समय में इन नदियों का प्रवाह भी गड़बड़ा जाएगा। पुलिस की मिलीभगत बिल्कुल सामने आ रही है, आज भी अनगिनत अवैध वाहन वाले दिन दहाड़े बेखौफ होकर अवैध बजरी खनन कर रहे हैं, ट्रैक्टर वाहन पुलिस चौकी और थाना परिसर के आगे से गुजरते हैं, पुलिस मूकदर्शक बनकर बैठी देखती है।

खनिज विभाग तो मानो कार्रवाई करता ही नही है, खनिज विभाग के अधिकारी व कर्मचारी तो आफिस से बाहर निकलते ही नही है, जिसकी जिम्मेदारी है वो जिम्मेदारी से कोसो दूर है।

बजरी के वाहन बनास नदी से श्यामोली, बिलोली, गोखरू, मलारना सटेशन होते हुवे मलारना डूंगर थाने के पास से गुजरते है, इस से साफ अंदाजा लगाया जा सकता है की बजरी के वाहन पुलिस की मिलीभगत से निकाले जाते है। जिला प्रशासन यह सब जानते हुवे भी मूक दर्शक बना हुवा है, जब प्रशानिक अधिकारी से मीडिया सवाल करता है तो वो अपनी जिम्मेदारी से मुकर जाते है, और कहते है कि हम कार्यवाही कर रहे है।