गोवर्धन में बंदरों का आतंकवाद ।

गोवर्धन में बंदरों का आतंकवाद ।

एक बंदर दो दर्जन से अधिक बच्चों को बना चुका है निशाना

गोवर्धन में बंदरों का आतंकवाद

गोवर्धन। सकरवा रोड स्थित पथवारी काॅलीनी में रहने वाले बच्चे बंदर के आतंक से दहशत में है। एक बंदर दो दर्जन से अधिक बच्चों को हमला बोलकर घायल कर चुका है। लोगों ने कई बार शिकायत की लेकिन वनविभाग की कहकर टालमटोल कर दिया गया। शुक्रवार को स्कूल जाती बालिका को बंदर ने कई जगह से काटकर घायल कर दिया। एसडीएम ने वनविभाग को बंदर पकडने के निर्देश दिये हैं। लोगों का कहना है कि करीब चार माह से एक बंदर सिर्फ बच्चों पर ही हमला बोलता है। बंदर द्वारा बच्चों के काटे जाने पर गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। चिकित्सा विभाग की टीम भी नहीं पहुंची है। कालाॅनी के रहने वाले सभासद डाॅ. मुकेश सैनी ने बताया कि एक सप्ताह के भीतर ही एक दर्जन बच्चों को बंदर काट चुका है। जबकि उससे पहले भी बंदर ने बच्चों पर हमला बोला है। स्थानीय लोगों ने बंदर को पकड़ने की कोशिश की लेकिन वह भाग गया। एक – दो दिन के बाद  बंदर निकलकर अचानक हमला बोलता है। बंदर के मुंह पर कट का निशान है। परेशान होकर काॅलौनीवासी कई दिन थाने शिकायत लेकर पहुंचे तो वनविभाग की टीम आने की बात कही लेकिन वनविभाग की टीम नहीं आइ है। शुक्रवार को डाॅली पुत्री कन्हैया को बंदर ने घायल कर दिया। बच्चे दहशत में हैं। स्कूल जाने से कतरा रहे हैं। बंदरों के हमले में करिश्मा पुत्री जाहुल खान, मोहनी पुत्री भगवान सिंह, दीपक पुत्र जगदीश, भगवान सिंह पुत्र मन्नू, गौरव पुत्र सुरेश, फलित पुत्र नारायण सिंह, रोहित पुत्र अशोक, प्रिंस पुत्र पवन, भावना पुत्री चम्मन, पुष्पेन्द्र पुत्र हरिकिशन, चंदू, मुन्नी, राम आदि घायल हुए हैं। वहीं इस संबंध में उपजिलाधिकारी गोवर्धन राहुल यादव का कहना है कि मामले के संज्ञान में आते ही वनविभाग को बंदर पकड़ने के निर्देशित किया है। जल्द ही बंदर को पकड़वाकर समस्या का समाधान किया जाएगा।