पंचकल्याणक महोत्सव

पंचकल्याणक महोत्सव

 

महायज्ञ में इंद्र इंदिराइयो ने दी आहुतियां |

नवीन जिनालय में प्रतिष्ठित मूर्तियों को किया विराजमान

 बौंली- शनिग्रह अरिष्ट निवारक श्री श्री 1008 मुनि सुव्रतनाथ दिगंबर जैन मंदिर रवासा में अमितभद्र संत गौरव आचार्य 108 श्री इंद्रनन्द्रीजी मुनिराज के सानिध्य में समय चल रहे तीन दिवसीय मज्जिनेन्द्र आदिनाथ जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतिम दिन शुक्रवार को मोक्ष कल्याणक कार्यक्रम एवं प्रतिष्ठित प्रतिमाओं को नवीन जिनालय में विराजमान करने के साथ समापन हुआI  पंडित मनोज जैन शास्त्री व पंडित मनीष जैन शास्त्री के निर्देशन में सुबह जिनेंद्र अर्चना, नित्य पूजन, आहार विधि, केवलज्ञान कल्याण की आंतरिक क्रियायें, केवल ज्ञानोत्पत्ति,समवशरण रचना,गणधर स्वरूपं, आचार्यश्री की देशना, केवल ज्ञान पूजन, आदिनाथ भगवान का मोक्षगमन, संस्कार विधि, मोक्षकल्याणक पूजन, निर्माण लड्डू, व विश्व शांति महायज्ञ में इंद्र-इंद्राणियों ने खुशहाली एवं शांति की कामना के साथ आहुतियां दीI इसके बाद नवीन जिनालय में प्रतिमाओं को विराजमान करने तथा मंदिर शिखर पर कलश एवं  शिखर पर ध्वजा चढ़ाई गई व कार्यक्रम स्थल से बैंड बाजों के साथ भगवान सुब्रतनाथ की प्रतिमा सहित अन्य प्रतिमाओं को शोभायात्रा के साथ नवीन जैन जिनालय तक ले जाया गयाIजहां पंडित जी के निर्देशन में चयनित पात्रों ने नवीन वेदि पर सभी मूर्तियों को विराजमान किया। कार्यक्रम के दौरान नवीन जिनालय में मुनीसुव्रतनाथ के जयकारों से मंदिर परिसर गूंजता रहाI कार्यक्रम में पधारे सभी श्रद्धालुओं का आयोजन कमेटी की ओर से आभार प्रकट किया |

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