पक्के रास्ते की बाट में गांव पूठपुरा के वासी |

पक्के रास्ते की बाट में गांव पूठपुरा के वासी |

धौलपुर जिला मुख्यालय से करीब तीस किलोमीटर दूर बसे बाडी़ पंचायत समिति के गांव पूठपुरा में आज गांव के लोग अपने पूठपुरा गांव की चारो ओर से कच्ची पड़े रास्ते की समस्या से जूझ कर गांव में अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

वहीं अगर एक नजर देखा जाये तो गांव के लोग गांव की चारों से कच्ची पडी़ राह की धरा पर अपने पग धर अपने घर पूठपुरा के द्वार पहुंच रहे है।

बता दें गांव के अन्दर सरकारी संस्था के नाम पर एक माञ प्राथमिक विधालय भी बना हुआ है।

गांव के लोगों के लिये चारों तरफ से पड़े कच्चे रास्ते की समस्या वाली बात 

खुले आसमांनी दिनों में ठीक रहती है लेकिन बरसाती दिनों में यह भी अपना गांव के लोगों को जबाब देकर जी जंजाल बन जाती है।

साथ ही अगर देखा जाये तो गांव के अंदर आज भी कुछ बच्चे तो ऐसे भी हैं जो इसी कच्चे रास्ते की समस्या के चलते अन्य जगह बने दूसरे विधालय में पढ़ने तक नहीं जा पा रहे हैं।

खासकर ऐसे बच्चों में गांव की बेटियां हैं।

पूठपुरा के चारों ओर से बसे गांव झानपुर लखेपुरा सूरौठ और भख्तूपुरा से करीब एक- एक किलोमीटर तक की दूरी का गांव पूठपुरा पहुंचने के लिये कच्चा रास्ता ही है।

आगे अगर देखा जाये तो एक लोगों से मिली जानकारी के अनुसार गांव भक्तूपुरा एक ऐसा गांव है जहां से गांव तक पहुंचने के लिये एक मरम की सड़क है।

वो भी बीच में अवरुध्द होकर आज अधूरी पड़ी है।

ऐसे में अगर किसी महिला डिलेवरी के दौरान ऐम्बुलेंस गाडी़ मंगाने की बात की जाये तो गाड़ी गांव तक कच्चे रास्ते से ही पहुंचती है।

मगर बरसात के दिनों में गाडी गांव के बाहर रह जाती है बताया जाता है।

साथ ही खबर के चलते आपको हम बता दें कि गांव के अंदर ज्यादातर जाटव जाति के करीब पैंतीस चालीस परिवार के लोग अपना गांव के अंदर जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

इसके साथ के लोगों ने जिला प्रशासन से गांव को पक्के रास्ते से जोडे़ जाने की मांग की है।

अमित कुमार उन्देरिया रजौराखुर्द की रिर्पोट।

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