भगवान जिनेंद्र के दर्शन को उमडा जनसैलाब

भगवान जिनेंद्र के दर्शन को उमडा जनसैलाब

श्री महावीर जी ,(करौली)

भगवान जिनेंद्र के दर्शन को उमडा जनसैलाब, जयकारों से गूंज उठी अहिंसा नगरी।

भगवान महावीर के रथ को देदीप्यमान करने के लिए शनिवार को सूर्य देव ने भी अहिंसा नगरी में किरणों की स्वर्णिम रश्मिया बिखेरी दमकते स्वर्ण मंडित रथ में विराजित जिनेंद्र की झलक पाने के लिए आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा।

चिलचिलाती धूप और धरा की तपन की परवाह किए बिना चांदन पुर के बाबा के दर्शन की ललक का नजारा देखते ही बन रहा था। मानो भगवान महावीर के प्रति श्रद्धा व तपस्या का ही प्रताप था ।

भगवान महावीर का रथ ऐरावत हाथी की अगुवाई में मंदिर कटले से बाहर आया माहौल भगवान महावीर के जयकारों से गुंजायमान हो गया।

दोपहर करीब 3:00 बजे जिनेंद्र की प्रतिमा को मुख्य मंदिर से पालकी में बैठाकर पांडाल में रथ तक लाया गया जहां हिंडौन उपखंड अधिकारी नाजिम सुरेश बुनकर को सारथी के रूप में रथ में बैठाया।

नाजिम के साथ मंदिर कमेटी के अध्यक्ष सुधांशु कासलीवाल भी सारथी के रूप में रथ में सवार थे। शुभारंभ से पहले सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार ग्वाले कृपा दास के वंशज ने रथ की बल्गा को हाथ लगाया। इसके बाद जिनेंद्र का रथ नगर विहार पर रवाना हुआ।

ऐरावत हाथी पर विराजित जिनवाणी आस्था का अदभुत नजारा बना रही थी। कई स्थानों पर लोगों ने भगवान जिनेंद्र के रथ की आरती उतारी। वही रथ में से श्रावकों ने प्रसाद की न्योछावरी कि। लोगों में प्रसाद लेने के लिए होड़ मची रही।

गंभीर नदी के जल से हुआ भगवान जिनेंद्र का जलाभिषेक हुआ।

मीणा समाज के युवा हाथो में लाठियां ले कर गंदी गालियों से भावान जिनेन्द्र को रिझाते हुए रथ के आगे चल रहे थे।

कलमुद्दीन खांन करौली

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रिपोर्टर गंगापुर पोर्टल, संवाददाता दैनिक नवज्योति , Cmn news rajsthan