मनरेगा कार्य में धांधली 9:30 बजे तक भी नहीं की मेट ने श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज ।

मनरेगा कार्य में धांधली 9:30 बजे तक भी नहीं की मेट ने श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज ।

मनरेगा कार्य में धांधली 9:30 बजे तक भी नहीं की मेट ने श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज

छांया के अभाव में  धूप में तपते है श्रमिक ।

बौंली-विश्व की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना में शुमार मनरेगा योजना के तहत वैसे तो बोली ग्राम पंचायत द्वारा लगभग 700 श्रमिकों को पांच अलग-अलग स्थानों पर कार्य शुरू करवा कर रोजगार उपलब्ध करवा रही है लेकिन मॉनिटरिंग व निरीक्षण की  माकूल व्यवस्था नहीं होने से सारा काम मेट के भरोसे ही चल रहा हैI यह उस समय देखने को मिला जब पत्रकार प्रातः 9:30 बजे टैगोर कॉलेज के पीछे चल रहे नवीन तलाई वेस्ट वेयर कार्य का भौतिक सत्यापन करने पहुंचे जहां कई कमिया देखने को मिली।

छाया की नहीं थी व्यवस्था ।

कार्य में 110 मजदूरों की मिसटोल में 47 डिग्री टेंपरेचर के तहत कार्य कर रहे मजदूरों के लिए मौके पर छाया की कोई व्यवस्था नहीं थीI श्रमिक तेज धूप  में बबूल की झाड़ियों के नीचे बैठे नजर आए कुछ मजदूर ही काम करते देखे गए श्रमिकों ने बताया कि छाया के अभाव में बहुत परेशानी उठानी पड़ रही हैI

उपस्थित रजिस्ट्रर में नहीं हुई थी हाजिरी ।

  प्रातः 9:30 बजे तक श्रमिक उपस्थित रजिस्टर में हाजरी नहीं हुई थीI जबकि नियमानुसार कार्य प्रारंभ होने से पूर्व 6:30 बजे तक  उपस्थिति दर्ज करना आवश्यक हैI इस बारे में जब मेट हरी प्रसाद  से जानकारी चाही तो बताया कि आज अंतिम दिन होने के कारण अभी तक हाजिरी नहीं की हैI तुरत- फुरत में रजिस्टर में उपस्थिति दर्ज कर बताया कि 82 ही श्रमिक कार्यरत हैं जबकि मिसटोल में 110 श्रमिकों के नाम अंकित है।

 11लाख29हजार का कार्य स्वीकृत है ।

ग्राम विकास अधिकारी राजाराम बेरवा ने बताया कि नवीन तलाई वेस्ट वेयर ऐनिकट  योजना के तहत् 11लाख29 हजार का स्वीकृत हैI जिसमें श्रमिक कार्य के लियें 7लाख 47हजार तथा मेट एंवम पक्का निर्माण कार्य के लियें 3लाख82हजार स्वीहत है जिसमें सें चालू मिसटोल को छोडकर अब तक  5 लाख18 हंजार श्रमिको के लियें एंवम् 1.35लाख रूपयें मेट व पक्का निर्माण में खर्च किए जा चुके हैंI  लेकिन मॉनिटरिंग के अभाव में काम राम भरोसे चल रहा है

क्या कहते हैं अधिकारी ।

 छाया  की व्यवस्था के लिए ग्राम विकास अधिकारी को पूर्व में ही निर्देशित किया जा चुका है श्रमिकों की हाजिरी प्रातः 6:30 बजे तक हो जानी चाहिए अगर ऐसा नहीं हुआ तो  कार्यवाही की जाएगी ।

विकास अधिकारी रामअवतार मीणा ।

 छाया की व्यवस्था ग्राम पंचायत द्वारा करवाई जाती है इसके लिए मेट को कह रखा है यदि मेट टेंट  नहीं लेकर जाता है तो यह उसकी स्वयं की जिम्मेदारी है ।

ग्राम विकास अधिकारी राजाराम बेरवा ।

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