मारपीट कर तोडे़ हाथ- पैर |

मारपीट कर तोडे़ हाथ- पैर |

मारपीट कर तोडे़ हाथ- पैर

घात लगाकर आरोपियों ने किया था हमला

धौलपुर जिले के बाडी़ तुलसीवन रोड़ स्थित मंगलवार सांय करीब सात- साढे़ सात बजे की घटनां

मिली जानकारी में घटनां में तीनों पीडित लोगों का उपचार धौलपुर में आयुष्मान हास्पीटल डा राजेश गोयल के यहां पर चलना बताया जा रहा है।

जी हां धौलपुर जिले अन्तर्गत बने कस्बा बाडी शहर के तुलसीवन रोड़ की घटनां है।

घटनां बीते मंगलवार शाम सात साढे़ सात बजे की बताई जा रही है।

जहां जमीन की बात को लेकर पहले से ही घात लगाकर बैठे करीब आधा दर्जन गुर्जर जाति के लोगों ने खेत से बाजरे और तिलहन की फसल की निराई गुडाई का कार्य कर आ रहे तीन जाटव जाति के लोगों के साथ लाठी़ ड़डों से जानलेवा हमलाकर मारपीट करते हुये हाथ पैंरों को तोड़ दिया बताया जाता है।

साथ ही पीड़ित परिवार के बीरेन्द्र से मिली जानकारी के अनुसार आरोपियों बच्छू गुर्जर और भाई बद्री गुर्जर पुञ गोकुल गुर्जर ने भगवान सिंह गुर्जर के पुञ हरीसिंह राजवीर और हरवीर के साथ मिलकर तीनों दलित लोगों के साथ जातिसूचक शब्दों के साथ मारपीट कर जानलेवा हमला ही नहीं बल्कि घटना स्थल पर आरोपियों कट्टों से हवाई फायर भी किया।

आगे बता दें घटना में पुरानी स्टेट बैंक छपैटी पाडा़ बाडी़ निवासी रामदास जाटव के दोनों हाथ पैर टूटनां बताया है तो वहीं रामदास के पुञ राजकुमार के हाथ और पैर में फैक्चर होना बताया गया है।

साथ ही घटनां में रामदास जाटव की और पत्नि मीना के शरीर पर लाठीडंडों के चोट के निशान होने के साथ हाथ का अंगूठा टूट जाना बताया है।

वहीं बताया जाता है कि पुलिस भी घटनां को लेकर पीडित लोगों के पास बयान लेने अस्पताल भी पहुंची थी।

जैसा पीड़ित परिवार के बीरेन्द्र जाटव ने हमारे संवाददाता अमित कुमार उन्देरिया को फोन के माध्यम से घटनां को लेकर बताया।

वहीं आगे बताया जाता है कि आरोपियों ने धमकी भी दी है कि आगे कार्यवाही की तो जान से मार दिया जायेगा।

जानकारी में समाचार लिखे और भेजे जाने तक पीडितों ने घटनां को लेकर आरोपियों के खिलाफ कोई पुलिस थाने में लिखित में तहरीर रिर्पोट नहीं दी है बताया है।

अगर घटना को लेकर पीडित परिवार के पीड़ित रामदास के बेटे की मानें तो आरोपियों ने काफी समय से करीब दो बीघा खातेबंदी जमीन पर मकानांत बनाकर कब्जा कर रखा था।

जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिये पीडित परिवार ने कोर्ट में वाद परिवाद दायर कर जमीन का केस को जीत लिया बताया जाता है।

इसीबात को लेकर आरोपी गुर्जर जाति के ये लोग पीड़ित परिवार के लोगों से नाराज चल रहे थे।

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