प्रशासन ने लोगों की आठ मांगे मानी, पाॅच न्यायालय पर छोड़ी 

बीओ गोवर्धन। गिरिराज तलहटी के सप्तकोसीय परिक्रमा मार्ग में एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के आदेशों पर जिला प्रशासन द्वारा लगाए विभिन्न प्रतिबंधों के विरोध में स्थानीय लोग लामबंद हो गए है। लोगों के आह्वान पर मंगलवार को सप्तकोसिय परिक्रमा मार्ग के व्यापारिक प्रतिष्ठानों, शैक्षणिक संस्थान मैडीकल, आॅटो व खानपीन की दुकान पूर्णतः बंद रहे।एनजीटी के विरोध में सुबह से ही गोवर्धन, राधाकुंड, आन्यौर, जतीपुरा, पूंछरी सहित दर्जनों गांव के हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद कर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रर्दशन किया। इसके बाद लोगों ने आन्यौर परिक्रमा मुकुद विनोद गार्डन में बैठकर आगे की रणनीति बनाई। वहीं बृजेश सिंह पुलिस अधीक्षक यातायात, राहुल यादव उपजिलाधिकारी गोवर्धन, विजय शंकर मिश्र क्षेत्राधिकारी गोवर्धन, बबीता वर्मा एआरटीओ मथुरा, अधिषाशी गोवर्धन, महेन्द्र सिंह अधिषाशी अधिकारी राधाकुण्ड के बीच लोगों की 13 सूत्रिय मांगों पर मंथन किया गया जिसमें 8 मांगों को प्रशासन ने मान लिया गया है और 5 एनजीटी में पाले डाल दिया है। 

भाजपा मंड़ल अध्यक्ष श्याम सुन्दर उपाध्याय ने बताया कि लोगों को प्रशासन घुमरा कर रहा है। प्रशासन व एनजीटी को पूरी मांगे माननी होगी। अगर मागांे नही मानी तो एकादशी से पूर्णमासी तक परिक्रमा मार्ग की दुकानों और स्कूलों को बंद रखा जाएगा। अगामी विरोध की रणनीति बनाई जा रही है। कृष्ण मुरारी ने बताया कि एनजीटी के आदेशों की आड़ में प्रशासन ब्रजवासियों को परेशान कर रहा है। अभी विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्वक किया जा रहा अगर मांगे नही मानी तो उग्र आन्दोलन किया जाएगा। मनीष लंबरदार और संजू लाला ने बताया कि आखिर उन लोगों का क्या कसूर है, जिनके हजारों की संख्या में परिक्रमा मार्ग से सटे हुए घर बने हुए हैं। अगर सर्विस रोड नहीं बने है तो परिक्रमा मार्ग पर स्थानीय लोगों के वाहनों को क्यों रोका जा रहा है। प्राचीन मंदिरों और मकानों को तोड़ा जा रहा है। विरोध में व्यापारी भी शामिल हैं, क्योंकि परिक्रमा पर वाहनों के रुक जाने से उनका व्यापार ठप हो गया है। स्कूल-कॉलेज संचालक भी साथ में हैं क्योंकि स्कूल कॉलेज कॉलेजों की बस नहीं निकल पा रही हैं।