काला सच देखिये निजी विधालयों का

काला सच देखिये निजी विधालयों का

कल दिनांक 27 मार्च 2019 को एक खबर सोशललायिज़ की गई थी, जिसमें एक नामी स्कूल पर सवाल उठाए गए थे |

और वह सवाल है कि क्या किसी स्कूल के द्वारा फीस की वजह से 8 साल की बच्ची और उसकी मां को प्रताड़ित किया जाना सही है? क्या यह कार्य शिक्षा विभाग, स्कूल प्रशासन और पूरी तरह प्रशासन की मिलीभगत से हो रहा है? चार-चार घंटे बच्ची को स्कूल के गेट के बाहर खड़ा रखना क्या उचित है…….? मनमानी फीस वसूल करना क्या उचित है…..?

ऐसे स्कूल का एडमिनिस्ट्रेटर और उसका स्टाफ क्या जवाब दे सकता है….?

आज जब छात्रा एंजिल खंडेलवाल (CLASS IV : A2) की परित्यक्ता माँ दीप्ती खंडेलवाल से जब बात की गई तो उन्होंने बताया की कोर्ट में मामला विचाराधीन है, और सभी तथ्यों को उन्होंने सामने रखा कि….

यह बात गंगापुर सिटी के एक नामी और निजी स्कूल क्रिएटिव पब्लिक स्कूल गंगापुर सिटी की है ! मेरी बेटी एंजिल खंडेलवाल (CLASS IV : A2) पुत्री विष्णु खंडेलवाल, माँ का नाम दीप्ती खंडेलवाल है साथ ही उन्होंने बताया कि मेरी बेटी एंजिल खंडेलवाल (CLASS IV: A2) इसी वर्ष अर्धवार्षिक परीक्षा दे चुकी है इसके बावजूद भी छात्रा एंजिल खंडेलवाल को वार्षिक परीक्षा में नहीं बैठाया जा रहा है ! इस तरह एडमिनिस्ट्रेटर एवं स्कूल स्टाफ का बच्ची के साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है |

“भारतीय संविधान के तहत अनुच्छेद 21 (क) के अंतर्गत प्रत्येक भारतीय को शिक्षा का अधिकार प्रदान किया गया है, जो कि अनुच्छेद 21 का ही एक भाग है, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति को प्राण या दैहिक स्वतंत्रता का अधिकार दिया गया है, यह अधिकार मूल मौलिक अधिकार की श्रेणी में आता है, जिस का उल्लंघन मुख्य रूप से दंडनीय माना गया है इसके अंतर्गत अनिवार्य शिक्षा की व्यवस्था अनुच्छेद 45 अनुच्छेद 51 (A) (K) में भी की गई है, जिसमे किशोर न्याय अधिनियम 2015 में बच्चों को प्रत्येक स्तर पर संरक्षण प्रदान किया है, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य आदि शामिल है”

उपरोक्त कानून विधि की अनुपालना में शिक्षा निदेशालय बीकानेर द्वारा समय-समय पर बालकों के अधिकारों की रक्षा के लिए उनके संरक्षण के संदर्भ में समय-समय पर विद्यालयों के लिए गाइडलाइन जारी की जा चुकी है लेकिन निजी विद्यालयों द्वारा बच्चों को आर्थिक, मानसिक रूप से प्रताड़ित कर सरकारी आदेशों की, निजी विद्यालयों दवारा खुलेआम  अवहेलना की जा रही है | जिस पर गंगापुर सिटी प्रशासन भी किसी प्रकार से कोई ध्यान नहीं दे रहा है, जो कि गंगापुर सिटी के सभी निजी विद्यालयों में विशेष रूप से कई वर्षों से देखने को मिल रहा है, इसके बावजूद भी शिक्षा विभाग आँखों पर पट्टी बांध कर बैठा हुआ है | दोस्तों जरा सोचिये अभी तो एक बच्ची के भविष्य के साथ खिलवाड़ का मामला सामने आया है और भी ना जाने कितने बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है |

परित्यक्ता माँ दीप्ती खंडेलवाल का  सभी अभिभावकों से निवेदन है कि अपने बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ ना होने दें और ऐसे निजी स्कूलों में हो रहे अत्याचारों के खिलाफ आवाज़ जरुर उठायें |

और साथ ही परित्यक्ता माँ दीप्ती खंडेलवाल का कहना है कि एक तरफ तो हमारी भारत सरकार दवारा बेटी बचाओ, बेटी पढाओ अभियान चलाया जा रहा है | दूसरी ओर ऐसे निजी विद्यालयों दवारा सरेआम बेटी बचाओ, बेटी पढाओ अभियान की धज्जियाँ उड़ाई जा रही है |

 

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