8 वर्षीय मासूम के साथ दुष्कर्म

8 वर्षीय मासूम के साथ दुष्कर्म

8 वर्षीय मासूम के साथ दुष्कर्म 

गर्मियों की छुट्टी में ननिहाल आई थी मासूम

12 घंटे में पुलिस ने आरोपी पकड़ा

पीडि़ता का मामा लगता है दुष्कर्म का आरोपी

धौलपुर। शुक्रवार देर शाम को 8 वर्षीय मासूम बालिका के साथ दुष्कर्म का मामला प्रकाश में आने के बाद अधिकारियों में हडक़ंप मच गया। घटना को लेकर एसपी ने तत्परता दिखाई व खुद पीडि़ता को बेहतर इलाज के लिए निजी अस्पताल से सरकारी जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। साथ ही रात में ही आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर दी। इस पर शनिवार दोपहर पुलिस ने आरोपी को एक रिश्तेदार के यहां से अपने कब्जे में ले लिया। वहीं दोपहर में न्यायिक अधिकारियों ने डॉ. मंगलसिंह सामान्य चिकित्सालय धौलपुर पहुंच कर पीडि़ता के 164 के बयान दर्ज किए। 

जानकारी के अनुसार मप्र की एक 8 वर्षीय मासूम बालिका स्कूल की गर्मियों की छुट्टी हो जाने पर कुछ दिन पहले धौलपुर के सदर थाना इलाके के एक गांव में अपनी ननिहाल आई थी। दो दिन पूर्व वह घर के बाहर खेल रही थी। जिसे रिश्ते में मामा लगने वाला पड़ौस का एक नाबालिग युवक ले गया, जिसने मासूम के साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद परिजन लोक लिहाज के चलते मामले को दबाए रहे और जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. रामविलास गुर्जर के घर पर निजी अस्पताल में भर्ती कराया। हैरानी वाली बात ये है कि सरकारी चिकित्सक भी पूरे मामले को दबाकर बैठा रहा और पुलिस प्रशासन को सूचना नहीं दी। शुक्रवार देर शाम सूत्रों से एसपी अजय सिंह को मामले की भनक लग गई। जिस पर एसपी तत्परता व गंभीरता दिखाते हुए खुद निजी अस्पताल पहुंचे और बालिका को बेहतर इलाज के लिए डॉ. मंगलसिंह सामान्य चिकित्सालय लेकर आए। जहां खुद की मौजूदगी में पूरी कार्यवाही करवा कर बालिका का उपचार शुरू करवाया। इसके बाद रात में ही महिला थाने में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर दी, जिन्होंने शनिवार दोपहर को आरोपी को उसके एक रिश्तेदार के यहां से पकड़ लिया। फिलाहल पुलिस ये तय करने में जुटी है कि युवक बालिग है या नाबालिग, इसे लेकर उम्र संबंधी दस्तावेजों को खंगाल रही है। एसपी ने बताया कि हम मामले को लेकर गंभीर हैं। इसमें कोशिश करेंगे कि 10-15 दिन में मुकदमा दर्ज करवा दें। वहीं घटना को लेकर शुक्रवार देर रात करीब 10 बजे धौलपुर एसडीएम भी जिला अस्पताल पहुंचे, जिन्होंने पीडि़ता के इलाज संबन्धी जानकारी ली और चिकित्सकों को आवश्कय दिशा निर्देश दिए। जिला अस्पताल के पीएमओ डॉ. जनार्दन सिंह परमार ने बताया कि बालिका की हालत में पहले की अपेक्षा सुधार है और वह खतरे से बाहर है। 

वहीं घटना को लेकर आज दोपहर न्यायिक अधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने पीडि़ता के 164 के बयान दर्ज किए।

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