इरादे मजबुत हों तो तकदीर के साथ तस्वीर को भी बदला जा सकता है ।

इरादे मजबुत हों तो तकदीर के साथ तस्वीर को भी बदला जा सकता है ।

  • धनौरा एक गांव नही एक विचाराधारा-नेहा गिरि

धौलपुर 22 मई, र्स्माट विलेज धनौरा में शिक्षा पाओं ज्ञान बढ़ाओं प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त रकने वाले प्रतिभागियों एवं सामाजिक क्षेत्रा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले एवं सामाजिक कार्य के क्षेत्रा में अपने वेतन 25 प्रतिशत राशि दान करने वाले कार्मचारियों के आयोजित सम्मान समारोह कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला कलक्टर नेहा गिरि ने अपने सम्बोधन में कहा कि समाज के विकास के लिए सभी को एक नजर से देखना होगा। सामाजिक विकास के लिए महिलाओं को अग्र पंक्ति में खड़ा करना होगा। विकास के लिए महिलाओं को सशक्त बनाना होगा। यह बहुत अच्छी बात है कि धनौरा गांव अन्य गांवों के विकास के लिए एक विचारधारा के साथ प्रेरणा का स्त्रोत रहेगा। उन्होंने कहा कि धनौरा ग्राम विकास समिति के द्वारा गांव की महिलाओं को भागीदारी सुनिश्चित की यह विचारणीय बिन्दू है। उन्होंने अध्ययनरत छात्रा-छात्राओं के लिए इन्टरनेट के युग मे नेट से जो चीजे छात्रा-छात्राओं को मिल रही है उनका सद्पयोग करेगा वही अच्छा आदमी बनेगा। अच्छे आदमी बनने के लिए अच्छा बनना पड़ेगा। अपनी एवं अपने परिवार की तरक्की करने के लिए प्रत्येक छात्रा-छात्राओं को कड़ी मेहनत लग्न एवं कर्तव्य निष्ठा से मेहनत करनी होगी। उन्होंने कहा कि यदि इंसान के इरादे मजबूत हों और कोशिश की जाये तो वह तकदीर के साथ साथ तस्वीर को भी बदल सकता है।

उन्होंने कहा कि मजबूत ईरादो व कोशिशों ने तहसील बाड़ी के एक छोटे से अपरिचित गांव धनौरा की तस्वीर को बदलकर उसे देश में स्मार्ट विलेज के रूप में प्रथम पायदान पर लाकर धौलपुर जिले व अपने गांव का नाम पूरे देश में रोशन कर दिया। कारवां यहीं नही रूका एवं कोशिशें जारी रहीं धनौरा के साथ साथ अन्य गांवों की तस्वीरों को बदलने के लिए उस व्यक्तित्व ने सोच बदली गांव बदलो मुहिम की शुरूआत कर अन्य गांवो को भी उनकी तस्वीर बदलने की प्रेरणा देकर वहां भी एक नई क्रान्ति को जन्म दे दिया और धनोरा की तर्ज पर आज राजस्थान सहित देश के कई गांव इस मुहिम का हिस्सा बन चुके है।

आज देश में धनौरा गांव आर्दश गांव के रूप में जाना जाने लगा है और इस मुहिम को चलाने वाले तथा सोच बदलो गांव बदलो की क्रान्ति को लाने वाले महारथी का नाम है 2007 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) अधिकारी डॉ. सत्यपालसिंह मीणा है। जो कि वर्तमान में इंदौर में इन्वेस्टिगेशन विंग के ज्वाइंट डायरेक्टर है। वह कहते है कि गांव का कोई व्यक्ति अगर पढ़ लिखकर किसी ऊचें ओहदे पर पहुॅच जाता है तो उसकी मानसिकता में बदलाव आ जाता है तथा वह अपने गांव से दूर हो जाता है लेकिन इस मिथक को भी तोड़ा डॉ0 सत्यपालसिंह मीणा ने उन्होने इतने ऊचें ओहदे पर पहुंचने के बाबजूद अपनी मातृभूमि के प्रति अपने प्रेम को अपने ह्नदय में इस प्रकार संजोकर रखा कि जब भी उन्हें समय मिला उनकी सोच हमेशा अपने गांव की तस्वीर बदलने की रही, कैसे उनके गांव के युवा आगे बढ़े, कैसे गांव के युवा शिक्षत हों, कैसे गांव का विकास हो इसी सोच के साथ उन्होने 2014 में जिस मुहिम को छेड़ा आज वह साकार रूप ले चुकी है। कोई आसान नही था लोगों की सोच को बदलना चूंकि जब तक लोगों की सोच नही बदलती तब तक गांव को बदलने की कल्पना करना भी बेमानी थी। लेकिन डॉ0 सत्यपालसिंह मीणा ने पहले गांव के लोगों की सोच को बदला और सोच बदलने क साथ ही गांव का बच्चा, युवा, बुजुर्ग, महिलाऐं जब उनकी इस मुहिम में साथ हो गए बदली गांव की तस्वीर।

2 हजार की आबादी वाला धनौरा विकास का मॉडल बनकर उभरा और आज यहां कम्यूनिटी हॉल, चौड़े रास्ते, शौचालय युक्त घर, स्ट्रीटलाइट, स्कूल, कोचिंग सेंटर से लेकर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और उससे जुड़ी सीवरेज लाइन तक की सुविधा है जो देश के बड़े शहरों की अच्छी-अच्छी कॉलोनियों को भी नसीब नही है। डॉ0 सत्यपालसिंह मीणा के प्रयास व परिणाम आज देश के कई अधिकारियों के लिए प्रेरणा बन चुके है तथा वे भी अपने अपने गांव में विकास में अपना योगदान देने लगे है।

धनौरा की विकास गाथा को देखते हुए मप्र की राज्यपाल 2018 में डॉ0 सत्यपालसिंह मीणा को सम्मानित कर चुकी है। गत वर्ष प्रधानमंत्राी नरेन्द्र मोदी द्वारा आदर्श ग्राम के रूप में धनौरा को सम्मानित करने के बाद तो पूरे जिले का सिर गर्व से ऊंचा हो गया। आज स्थिति यह है कि आखिर मात्रा चार वर्ष में एक गांव की तस्वीर को कैसे बदल दिया गया कि उसे देश में आदर्श गांव का सम्मान मिला इस मुहिम को देखने व जानने के लिए इस गांव में आज बड़े बड़े अधिकारी भ्रमण के लिए आते है।

धनौरा एक गावं नहीं एक विचारधारा, नेहा गिरि – गांव में भ्रमण के बाद जिला कलक्टर नेहा गिरि ने कहा कि धनौरा गांव एक गांव नही एक विचारधारा है, विकास की अवधारणा है जिसको देश के कोने कोने तक ले जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि लोगों की मानसिकता को बदलना एवं इतनी बड़ी मुहिम से जोड़ना आसान नही होता है हर जगह सकारात्मक विचारधारा के साथ साथ नकारात्मक विचारधारा के लोग भी होते है जिनकी मानसिकता को बदलकर ही इस प्रकार मुहिम को सफल किया जा सकता है। इस गावं को देखकर कहा जा सकता है कि यदि व्यक्ति कुछ करने की ठान ले तो कोई भी कार्य असंभव नही है तथा सोच को बदलने के साथ ही विकास की नई इबारत को लिखा जा सकता है। उन्होने कहा कि देश के प्रत्येक ग्राम को इस गांव से यह सीखने की आवश्यकता है।

गांव की खूबियों को अपने गांव में लागू करेंगे, गिरि – इस अवसर पर ग्राम वासियों को संबोधिंत करते हुए नेहा गिरि ने कहा कि यहां लोगों के बीच गजब सामन्जस्य देखने को मिला। उन्होने कहा कि यहां देखने में आया हर व्यक्ति गांव के हित में कार्य कर रहा है और रास्ते के साथ अपनी सोच भी बदल रहा है, हर व्यक्ति का सफाई पर विशेष ध्यान है। उन्होने कहा कि ये गांव स्वच्छ भारत मिशन को कामयाब कर रहा है। उन्होने कहा कि हम भी गांव की खूबियों को अपने गांव में लागू करेंगे।

अंधियारे की निंदा करके कहां अंधेरा मिट पाता है, सीईओ – इस अवसर पर ग्राम वासियों को संबोधित करते हुए मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद शिवचरण मीना ने कहा कि अंधियारे की निंदा करके कहां अंधेरा मिट पाता है, तभी पराजित हो अंधियारा जब कोई दीप जलाता है, उन्होने कहा कि धनौरा से हमने सीखा है कि हमें अंधेरे की निंदा नहीं करनी है बल्कि दीप जलाना है। उन्होने कहा कि यह गर्व की बात है कि जो दीप धनौरा वासियों ने जलाया है उसका प्रकाश धनौरा से बढ़ते हुए धौलपुर में एवं धौलपुर से बढ़ते हुए पूरे राजस्थान में एवं राजस्थान से बढ़ते हुए पूरे देश में फैल रहा है एवं धनौरा गांव पूरे देश के लिए एक उदाहरण है। उन्होने कहा कि यह हर्ष की बात है कि भारत सरकार ने धनौरा के प्रयासों को पुरूस्कृत किया है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को बचाने के लिए पौधें लगाए जिससे पर्यावरण को बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जो भी दानदाता दान करते है वह सद्पयोग के लिए दुरपयोग के दान कदापि न करें। उन्होंने ग्राम विकास समिति धनौरा के लिए 21 हजार रूपये की राशि का चैक विकास के लिए दान स्वरूप प्रदान किया।
इस अवसर पर धर्म सिंह, राजेन्द्र सिंह, हरीविलास, श्यामसुन्दर, दिनेश, बच्चू सिंह, रामजी लाल, शिवनारायण, श्याम सिंह, राम निवास, हरीपाल, सत्यराम तथा सूचना एवं जन सम्पर्क अधिकारी राजकुमार मीना सहित ग्राम वासी उपस्थित रहे। जिला कलक्टर नेहा गिरि द्वारा स्मृति चिन्ह व प्रशंसा पत्रा वितरित किए गए। ईको नीड फाउण्डेशन के प्रतिनिधि प्रियानन्द एगड़े ने सभी को धन्यवाद दिया। कार्यक्रम का संचालन कमल सिंह अध्यापक द्वारा किया गया।

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