नहीं थम रहा लाल बजरी दोहन का सिलसिला।

नहीं थम रहा लाल बजरी दोहन का सिलसिला।

नहीं थम रहा लाल बजरी दोहन का सिलसिला। रोजाना करीब ढाई सौ ट्रैक्टर-ट्रौली जिला सीमा अन्तर्गत बने नेशनल हाईवे संख्या 123 पर बने रजौराखुर्द कस्बे होकर सैंपऊ के पार्वती नदी तट से भरकर निकलते हैं लाल रेता बजरी। भले ही इस पर उच्चतम न्यायालय के चलते विभाग की रोक लगी हो लेकिन इस रोक का इन लाल रेता बजरी दोहन और खनन मांफियाओं पर कोई दिखता नजर नहीं आ रहा है। इस तरह खुलेआम लाल रेता बजरी दोहन का करके यह रेता बजरी मांफिया रोक नियम की धज्जिया ही नहीं उडा़ रहे बल्कि विभाग को चुनौती भी दिखा रहे हैं। बता दें यह सिलसिला कस्बा नेशनल मार्ग एक सौ तेईस पर बीते काफी दिनों से चल रहा है। इसमें विभाग की मिली- जुली भगत मानें या बजरी दोहन मांफियाओं का बुलंद हौंसला। एक मिली जानकारी के अनुसार नेशनल मार्ग बने धौलपुर जिले के रजौराखुर्द कस्बे से गुजर ये लाल रेता बजरी ट्रैक्टर भरतपुर जिले की सीमा में प्रवेश कर रुपवास कस्बा में अपनी मंडी लगाते हैं। जहां से आस- पास के बने छेञों में एक ऊंची रेट पर बजरी का बिक्रय करते हैं।

About Amit Kumar Underiya

Leave a Reply