बच्चों के सरंक्षण हेतु चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 का अधिक से अधिक उपयोग करें ।

बच्चों के सरंक्षण हेतु चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 का अधिक से अधिक उपयोग करें ।

बच्चों के सरंक्षण हेतु चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 का अधिक से अधिक उपयोग करें- रामेश्वर चौधरी

बाडी़ प्रयत्न संस्था परियोजना अंधेरे से उजाले की ओर के तहत आज पंचायत समिति सभागार बाड़ी में एक ब्लॉक स्तरीय बाल संरक्षण समिति सदस्यों का किशोर न्याय अधिनियम 2015 -बालकों की देखरेख एवं संरक्षण कानून व लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम 2012 पर एक दिवसीय सशक्तिकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। 

जहां कार्यशाला में परियोजना अधिकारी रामेश्वर चौधरी ने उपस्थित संभागीय को बताया कि प्रयत्न संस्था जिले को बाल श्रम मुक्त एवं बाल सरंक्षण युक्त बनाने के लिए जिला व ब्लॉक स्तर पर सरकारी विभागों के साथ मिलकर अपना एक साझा प्रयास कर रही है। 

वर्तमान में संस्था धौलपुर जिले के 60 गांव में बाल श्रम एवं बाल सरंक्षण के मुद्दे को लेकर सघन रुप से कार्य कर रही है।

वहीं आगे बैठक के उद्देश्यों पर अपनी जानकारी देते हुए बताया की पंचायत से लेकर जिला स्तर पर गठित बाल सरंक्षण समितियां सक्रिय रुप से बच्चों के संरक्षण के लिए काम करें और उनकी नियमित बैठक आयोजित हो एवम् बाल सरंक्षण के मुद्दों को उचित मंच पर रखकर पैरवी करते हुए समाधान कराएं। साथ ही कार्यशाला के आयोजन पर उन्होंने बताया कि बच्चों के सरंक्षण के लिए जिले में संचालित चाइल्ड हेल्प लाइन 1098 का आज हमें अधिक से अधिक उपयोग करना है ताकि प्रत्येक बच्चे को संरक्षित एवं सुरक्षित माहौल प्रदान किया जा सके। 

कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रुप में निधारा पंचायत सरपंच महेश कुमार ने ब्लॉक स्तरीय बाल संरक्षण समिति सदस्यों को संबोधित करते हुए बताया कि बचपन को संरक्षित करना हमारा कर्तव्य है आज हम जिन उच्च पदों पर बैठकर समाज की सेवा का काम कर रहे हैं यह तभी संभव हुआ जब हमारे परिवार एवं समाज ने हमारे बचपन को संरक्षण प्रदान किया। इसलिए आज हम सबकी जिम्मेदारी बनती है कि हमारे परिवार और हमारे आस-पास के बचपन को हम सब सुरक्षित करें तथा उनको उच्च शिक्षा प्रदान करें ताकि बचपन संरक्षित और एक सुरक्षित हो सके। 

खबर के चलते खबर में आगे बता दें कि धौलपुर चाइल्ड हेल्प लाइन 1098 के लीडर सागर कुमार राणा ने बाल सरंक्षण समिति सदस्यों को संबोधित करते हुऐ कहा कि बच्चों के सर्वोत्तम हितों की रक्षा करना समाज का परम कर्तव्य है। 

और यहां उपस्थित सभी सदस्य समाज का एक अभिन्न अंग हैं। 

इसलिये हमें प्रत्येक बच्चे के संरक्षण और सुरक्षा के लिए सदैव तत्परता के साथ काम करना होगा।

वहीं कहा कि अगर धौलपुर जिले में कहीं भी कोई बच्चा मुसीबत में फंसा हो या उसको संरक्षण की जरूरत हो तो तुरंत प्रभाव से 1098 चाइल्ड लाइन को कॉल करके सूचित करें एवं पंचायत समिति स्तर पर भी सूचना कर सकते हैं। पंचायत स्तर पर नियमित बाल संरक्षण समितियों की बैठकों का आयोजन करके बच्चों के सरंक्षण से जुड़े हुए मुदों का चिन्हीकरण करके समाधान हेतु कार्य योजना का निर्माण करें तथा संबंधित विभाग को प्रस्तुत करें ताकि सरंक्षण की जरूरत वाले बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। 

राज्य बाल सरंक्षण विशेषज्ञ राकेश कुमार तिवारी ने बताया कि सुरक्षित बचपन और संरक्षित बचपन के लिए गांव पंचायत ब्लॉक जिले व राज्य को बाल श्रम मुक्त एवं बाल संरक्षण युक्त बनाना होगा। 

वहीं आगे बाल श्रम के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि जिसकी उम्र 14 वर्ष पूरी हो गई हो परंतु 18 वर्ष की आयु पूरी नहीं हो पाई हो और धन उपार्जन के उद्देश्य से जिस बालक की शिक्षा और विकास में कोई अवरोध या रुकावट आ रही हो तो वह प्रत्येक बालक बाल श्रमिक कहलाता है। देश में सवा करोड़ से अधिक बाल श्रमिक है तथा राजस्थान का बाल श्रम के मामले में तीसरा स्थान हैं राजस्थान में 12:30 लाख बाल श्रमिक है। 

किशोर न्याय अधिनियम 2015 बालकों की देखरेख और सरंक्षण के अंतर्गत 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को आज बाल मजदूरी से पूर्णतया प्रतिबंध किया गया है और इस अधिनियम की धारा 75 व 79 इस अपराध को गैर जमानती मानती है। इस अधिनियम के तहत 14 से 18 वर्ष तक के बालक को खनन कार्य ईंट भट्टा कारखाना ज्वलनशील तेल पदार्थ के कारखाने व विस्फोटक पदार्थ के कारखाने जैसे व्यवसाय में पूर्ण प्रतिबंधित किया गया है। 

जहां बालक की बाल मजदूरी वहां लागू नहीं मानी जाएगी।  

बालक विद्यालय जाने के पश्चात अपने परिवार के कार्य में मदद करता है या कर रहा है। बाल सरंक्षण विशेषज्ञ ने उपस्थित सदस्यों को संबोधित करते हुए बताया कि बाल विवाह एवं बाल श्रम जैसी कुरीतियों को खत्म करने के लिए ब्लॉक स्तरीय बाल सरंक्षण समिति की अहम भूमिका है। 

आजकल देश और राज्य में साइबर क्राइम बहुत तेजी से फैल रहा है इसलिए हमें अपने बच्चों के साथ- साथ अन्य बच्चों को भी मोबाइल के दुरुपयोग के बारे में जानकारी देकर जागरुक करना होगा।

मोबाइल का उपयोग उनके हाथों से कम से कम करवाना है तभी हम साइबर क्राइम को रोक पाएंगे। 

इसके साथ ही कार्यशाला में सरनाम सिंह, अनिल कुमार, ठाकुर दास, देवी सिंह आरिफ हुसैन, सागर व फजरु खान आदि मौंजूद रहकर कार्यशाला एक सफलता प्रदान की।

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