मानसून की पहली बरसात ने खोली मुड़िया मेला के इंतजामों की पोल |

मानसून की पहली बरसात ने खोली मुड़िया मेला के इंतजामों की पोल |

मानसून की पहली बरसात ने खोली मुड़िया मेला के इंतजामों की पोल 

विओ गोवर्धन। मुड़िया पूर्णिमा मेला के ठीक पहले शुक्रवार को मानसून की पहली बरसात प्रशासन के इंतजामों की पोल खोलकर रख दी है। जलनिकासी के ठोस इंतजाम न होने से बड़ा बाजार स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर जलमग्न हो गया और जगह-जगह जलभराव होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। 

मुड़िया पूर्णिमा मेला 12 जुलाई से शुरू होगा लेकिन प्रशासन को 45 पार्किंग स्थल बनाने हैं। विकास प्राधिकरण की छह पार्किंग स्थलों को छोड़कर पार्किंग के रूप में गाड़िया फील्ड में ही खड़ी कराई जाएंगी। लेकिन डेढ़ घंटे हुई बरसात ने मेला को प्रभावित कर दिया है। पूर्व में भी मेला के समय बरसात के चलते श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। बरसात के होते ही परिक्रमा मार्ग में कई-कई फुट पानी भर गया। परिक्रमा में पानी को निकालने के लिए कोई स्थाई और न कोई अस्थाई इंतजाम किये गये।  परिक्रमा मार्ग के केला देवी मंदिर के पास राधाकुंड, आन्यौर परिक्रमा मार्ग संकर्षण कुंड, गिरवर निकुंज के सामने, बड़ा बाजार लक्ष्मी मंदिर के सामने, कला भवन, नगर पंचायत कार्यालय के सामने जलभराव की स्थिति हो गया। परिक्रमा मार्ग आबादी रहित क्षेत्र में जलनिगम की जिम्मेदारी थी जबकि आबादी वाले क्षेत्र में नगर पंचायत गोवर्धन व राधाकुंड, देहात में ग्राम पंचायत जतीपुरा, आन्यौर व राधाकुंड देहात की बनती है। परिक्रमा मार्ग में जल निगम ने जगह-जगह जलनिकासी के लिए नाले बनाये हैं। इन नालों को जल निकासी के उन पाइंटों से नहीं जोड़ा गया है जहां से पानी निकलना है। मेला के पांच से सात दिन अगर बरसात की स्थिति रही तो मुश्किल हो जाएगा। 

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