मां-बाप कैंसर पीड़ित, इकलौते नाबालिग बेटे ने छोड़ी पढ़ाई, मां-बाप का उपचार करवाने के लिए कर रहा है मेहनत मजदूरी।

मां-बाप कैंसर पीड़ित, इकलौते नाबालिग बेटे ने छोड़ी पढ़ाई, मां-बाप का उपचार करवाने के लिए कर रहा है मेहनत मजदूरी।

सपोटरा – कस्बे में आईटीआई कॉलेज के पास स्थित एक कैंसर पीड़ित दंपत्ति का परिवार गरीबी के कारण नरकीय जीवन जी रहा है वही कैंसर पीड़ित मां-बाप का इकलौता नाबालिक बेटा अपने मां बाप का इलाज करवाने के लिए अपनी पढ़ाई को छोड़कर मेहनत मजदूरी करके गरीबी की तंगी में परिवार का पेट भर रहा है ।

सपोटरा निवासी मंगल जोशी पुत्र पांच्या जोगी उम्र 60 वर्ष और उसकी धर्मपत्नी कमला देवी उम्र 55 वर्ष दोनों कैंसर पीड़ित है कैंसर पीड़ित के इकलौते 17 वर्षीय नाबालिग बेटे विष्णु जोगी ने बताया कि हम दो भाई और दो बहिन थे मेरे पापा ने दोनों बहनों की शादी कर दी।

लेकिन 2012 में मेरे बड़े भाई करण जोगी की 20 साल की उम्र में जोगमंडी वाली तलाई में डूबने से आकस्मिक मौत हो गई ।

भाई की मौत के बाद मेरी मां बीमार पड़ गई मां का इलाज करवाने के लिए मेरे पापा मेरी मां को जयपुर के एसएमएस अस्पताल लेकर गए ।

लेकिन इलाज के दौरान डॉक्टरों ने मां के आंतो का कैंसर बता दिया जिसके इलाज के लिए हमारे पास पैसा नहीं था तो मेरे पापा ने इलाज करवाने के लिए हमारा मकान भी बेच दिया और हम जयपुर में ही किराए से रह कर रिक्शा चलाने लगे और मां का इलाज करवाने लगे ।

लेकिन रुपयों की आर्थिक तंगी के कारण मेरी मां का इलाज नहीं हो पाया और हम वापस सपोटरा आकर किराए के कमरे में रहने लगे ।

उसके बाद मेरे पापा भी बीमार हो गए मेरे पास पैसे नहीं होने के कारण मैंने अपने घर की बकरियां बेचकर पापा का इलाज करवाया तो डॉक्टरों ने पापा के भी कैंसर की बीमारी बताई ।

अब मैं अपनी दसवीं की पढ़ाई छोड़कर मां बाप की सेवा करने और अपने परिवार का पेट भरने के लिए मेहनत मजदूरी करता हूं ।

पीछा नहीं छोड़ा परेशानियों ने

कैंसर पीड़ित मंगल जोगी और कमला जोगी के इकलौते बेटे विष्णु जोगी ने बताया कि मां-बाप के कैंसर घोषित होने के बाद आर्थिक तंगी के कारण मैं किराया नहीं दे पाता था जिसके कारण मुझे किराए का कमरा खाली करना पड़ा था और मैं आईटीआई कॉलेज के पास एक झुग्गी झोपड़ी बनाकर रहने लगा हूँ।

जिसमें बरसात के कारण पानी टपकता रहता है और लाइट व पानी नहीं होने के कारण मुझे व मेरे मां-बाप को नर्क का जीवन व्यतीत करना पड़ रहा है।

नहीं मिली कोई सरकारी मदद

17 वर्षीय विष्णु जोगी ने बताया कि मेरी पढ़ाई में रुचि है लेकिन मां-बाप के कैंसर होने के कारण दिनभर इनकी सेवा में ही लगा रहता हूं और मेरी जिंदगी भी बचपन में ही जिम्मेदारी का बोझ आने के कारण जमीन में दब गई है ।

वहीं विष्णु जोगी ने बताया कि हमारा परिवार बीपीएल में चयनित है लेकिन राशन के गेहूं के अलावा मुझे किसी भी प्रकार कि केंद्र व राज्य सरकार से कोई भी सहायता नहीं मिली है मेरी सरकार से मांग है कि सरकार के द्वारा मेरे मां-बाप का इलाज करवाया जाए,

मेरी पढ़ाई की व्यवस्था हो और हमें अपना घर उपलब्ध करवाया जाए।

छात्र संघर्ष समिति सपोटरा ने आर्थिक सहायता देकर हर संभव मदद का दिया भरोसा।

कैंसर पीड़ित परिवार से मिलने के लिए छात्र संघर्ष समिति  के जिला महासचिव प्रताप पकड़ के नेतृत्व में उनकी टीम कैंसर पीड़ित परिवार की झोपड़ी पर पहुंची और कैंसर पीड़ित के बेटे विष्णु जोगी को ₹1100 की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की ।

छात्र संघर्ष समिति के प्रताप पाकड ने बताया कि आज हमारी टीम ने पीड़ित परिवार को 1100 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है और पीड़ित परिवार की आर्थिक सहायता के लिए एक अभियान चलाया जाएगा ।

साथ ही हमारी टीम के द्वारा पीड़ित परिवार को हर संभव सरकारी मदद दिलवाई जावेगी जिसके लिए छात्र संघर्ष समिति सपोटरा के द्वारा उपखंड अधिकारी को ज्ञापन दिया जाएगा और प्रशासनिक अधिकारियों को पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति से अवगत करवाया जाएगा। इस मौके पर छात्र संघर्ष समिति सपोटरा के सदस्य मुकेश पिलोदिया, रूप सिंह भूरी पहाड़ी, अरविंद भरतुन, दुर्गालाल, मुकेश,औडच, मनीष अग्रवाल, रोहित गर्ग, विनोद कुमार जांगिड़ सपोटरा सहित कई युवा उपस्थित थे।

सपोटरा से विनोद कुमार जांगिड़ की खास रिपोर्ट।

About Vinod Kumar jangid

“किसी भी काम में अगर आप अपना 100% देंगे तो आप सफल हो जाएंगे।”

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