बछ बारस का व्रत कर पुत्र की लंबी आयु के लिए की कामना ।

बछ बारस का व्रत कर पुत्र की लंबी आयु के लिए की कामना ।

बछ बारस का व्रत कर पुत्र की लंबी आयु के लिए की कामना

बौली- हिंदू धर्म में हर त्यौहार व्रत अपना अलग महत्व रखता है यहां पर महिलाएं सिर्फ अपने पति की दीर्घायु के लिए ही व्रत नहीं रखती बल्कि पुत्र की खुशहाली के लिए भी व्रत रख सकती है। बछबारस का व्रत पुत्र की लंबी आयु के लिए रखा जाता है इसी के तहत मंगलवार को कस्बे की महिलाओं ने व्रत रखकर गाय बछड़े की पूजा कर पुत्र की लंबी आयु की कामना कीI सुशीला मित्तल व मंजू मंगल ने बताया कि बछबारस की पूजा के दिन गाय के दूध और दूध से बने पदार्थ का उपयोग नहीं किया जाता है साथ ही गेहूं तथा इन से बने सामान भी नहीं बनायें जाते हैं Iभोजन में चाकू से कटी किसी भी चीज का सेवन नहीं करते हैं इस दिन अंकुरित अनाज जैसे चना मोठ मूंग मटर आदि का उपयोग किया जाता है।भोजन में बेसन से बने आहार जैसे कड़ी पकौड़ी भजियें आदि तथा मक्के, बाजरे की रोटी तथा बेसन से बनी मिठाइयों का उपयोग किया जाता है Iबछबारस का दिन कृष्ण जन्माष्टमी के 4 दिन बाद होता है भगवान कृष्ण को गाय और बछड़ा बहुत प्रिय थे गाय में सैकड़ों देवताओं का वास होता है इसलिए बछ बरस को गाय के बछड़े की पूजा होती है इसी के तहत महिलाओं ने व्रत रखकर गाय बछड़े की पूजा की ।

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