गंगापुर सिटी और आस-पास के क्षेत्रों में अफवाहों का दौर जारी

गंगापुर सिटी और आस-पास के क्षेत्रों में अफवाहों का दौर जारी

गंगापुर सिटी और आस-पास के क्षेत्रों में अफवाहों का दौर जारी

  • बाल काटने वाली घटनाओं के सम्बन्ध में, कल गंगापुर सिटी में घटी इस तरह की घटना के बाद
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    दोस्तों कल जब यह बाल काटने वाली घटना घटी तब मैं उसी क्षेत्र में था। घटना के तुरन्त बाद मुझे वाट्सएप्प पर फोटोज के साथ सूचना भी मिली |
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  • इस तरह की सभी घटनाओं के सम्बन्ध में मेरे विचार और अध्ययन निम्न प्रकार है
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आशा है आप तर्कसंगत बातों का हिस्सा बनेंगे, जो आपने ज़िन्दगी में कभी नहीं देखा, न देख पाओगे उसके बारे में बहस नहीं करेंग |

  • मैंने अब तक की ऐसी सभी घटनाओं का अध्ययन करने की कोशिश की है और पाया है कि *ये सभी घटनाएँ ज्यादातर उन औरतों के साथ घटी हैं जो अनपढ़ हैं और वे हिस्टीरिया (ऐसा रोग जिसमे दौरे पड़ते हैं, मिर्गी जैसे) या फिर स्प्लिट पर्सनालिटी (उसे पता ही नहीं चलता की वह क्या कर रही है) जैसी गम्भीर बीमारी से ग्रसित हैं |
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अब सबसे महत्त्वपूर्ण बिन्दू

  • यह कोई तांत्रिक शक्ति या भूत-प्रेत का काम नहीं है। अगर यह कोई तान्त्रिक या भूत-प्रेत का काम होता तो सोचिये ऐसी शक्ति रखने वाले को इधर-उधर डोलने की क्या आवश्यकता है। जिसके पास ऐसी शक्तियाँ हों वो तो कहीं भी बैठे-बैठे कुछ भी कर सकता है। ऐसी शक्ति को जोधपुर, बीकानेर, बाड़मेर आदि स्थानों से चलकर सवाई माधोपुर और फिर गंगापुर सिटी आने की क्या आवश्यकता, वो एक दिन में क्या बल्कि कुछ ही घंटों में पूरे शहर की महिलाओं के बाल काट कर ले जा सकता / सकती है। अतः स्पष्ट है कि तान्त्रिक और भूत-प्रेत का भ्रम फैलाकर लोगों को डराया जा रहा है। जबकि यह बात अर्थहीन है। तर्कसंगत नहीं है |
  • जब हम  बहुत डर जाते हैं, या किसी ऐसी बात को बार-बार सुनते रहते है / याद करते रहते हैं तो हमे उसी तरह के सपने भी आ जाते है और मिर्गी का दौरा पड़ने वाले और स्प्लिट पर्सनालिटी रोग वाले लोग तो ऐसे वाकयों को अपने जीवन में घटते हुए अनुभव करते हैं, जिसे आप कई बार ऊपरी हवा का भी नाम देते हो।* सम्भव है दौरे के बाद या अत्यधिक डर के बाद वो बेहोश रहते हैं |
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  • आप गौर कीजिए जिस समय जिस औरत के साथ यह घटना घटी है उस समय वह औरत या तो सिलाई मशीन पर काम कर रही होती है या फिर सो रही होती है, या फिर कैंची वहीँ कहीं नजदीक होती है। *इस बात पर किसी ने क्यों गौर नहीं किया, मेरी समझ से बाहर है!* इससे क्या स्पष्ट होता है आप समझ गए होंगे।

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  • मीडिया को खबर से मतलब है। पहले भी पत्थर पर ठोकने और खोदने की घटना हुई थी। शुरू में सभी भयभीत हुए। अखबारों में भी खूब छपा, किन्तु अब कहाँ है वो? वो एक कीट/कीड़ा निकला। बस ऐसा ही कुछ इस बार भी होगा। अख़बारों में छपी ख़बरों से डरे नहीं |

अतः उपर्युक्त बिन्दुयों पर गौर करे तो यह घटना को किसी तान्त्रिक/भूत-प्रेत/एलियन द्वारा बिल्कुल भी अंजाम नहीं दिया जा रहा है |
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डरने की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं है। आप शिक्षित हैं। आप किसी तथ्य के तह तक जाकर सच्चाई का पता लगाने में समर्थ हैं |
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मुझे आशा है कि आप उस बच्चे की तरह तो कतई भी नहीं हैं जिससे यह बोल दिया जाए कि बाहर “हाबू” बैठा है तो वो पेशाब करने भी बाहर नहीं निकलता।_*

आप समझदार हैं कि वो ‘हाबू’ कौन है |
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आप सभी को समझाने की एक सफल कोशिश की आशा के साथ ……
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बेअन्त सिंह चौधरी
(फ्रीलान्स जॉर्नलिस्ट)
गंगापुर सिटी

 

 

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