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गाँव से असिस्टेंट कमांडेंट शहीद मानसिंह मीणा को नहीं मिला सम्मान

गाँव से असिस्टेंट कमांडेंट शहीद मानसिंह मीणा को नहीं मिला सम्मान

गंगापुर सिटी विधानसभा क्षेत्र के गाँव सेवा के असिस्टेंट कमांडेंट शहीद मानसिंह मीणा 97 बटालियन BSF की की मूर्ति की स्थापना आज तक नहीं की।

असिस्टेंट कमांडेंट मानसिंह मीणा 22 जनवरी 1994 में आतंकवादियों से टक्कर लेते हुए लार के डाबा मोहल्ला कश्मीर में लड़ते हुए शहीद हो गए थे।

जिसके बाद सरकार ने उसको अदम्य साहस व वीरता पर मरणोपरांत पुलिस पदक से उसकी पत्नी को सम्मानित किया। सरकार ने 25 बीघा जमीन देने की घोषणा की वह जमीन आज तक उनके परिजनों को नहीं मिल पाई है

मानसिंह मीणा के शहीद होने के बाद गांव सेवा में एक सरकारी चिकित्सालय की रिकमेंडेशन आई थी। उस चिकित्सालय के लिए सरकार के पास जमीन नहीं थी तो शहीद के परिवार वालों ने 4 बीघा जमीन अपने खाते से चिकित्सालय के लिए दान में दी और एक शर्त रखी की चिकित्सालय का नाम शहीद मानसिंह राजकीय चिकित्सालय रखा जाए व चिकित्सालय परिसर मे शहीद मानसिंह की मूर्ति की स्थापना हो।

आज तक हमने जनता को सरकार के बारे में गूंगी और बहरी कहते हुए सुना था पर आज आंखों से देख लिया है कि जिस शहीद परिवार ने हॉस्पिटल के लिए 4 बीघा जमीन दान में दी। उस हॉस्पिटल का नाम आज तक भी शहीद के नाम पर नामकरण नहीं हुआ है ना ही उसके अंदर शहीद की मूर्ति स्थापना की गई और ना ही आज तक आज तक शहीद परिवार को किसी भी तरह की सुविधा या सरकार से किसी भी प्रकार की सहायता प्रदान नहीं की गई है।