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Jangir Brahman Samaj One person did the shameful to the entire society

Jangir Brahman Samaj One person did the shameful to the entire society

Jangir Brahman Samaj One person did the shameful to the entire society

गंगापुर सिटी जांगिड़ ब्राह्मण समाज समिति अध्यक्ष गोपाल जांगिड़ (पटोंदा वाले) की तानाशाही पहुंची चरम सीमा पर……….

सम्माननीय जांगिड़ बन्धुओं,

जांगिड़ ब्राह्मण समाज गंगापुर सिटी के तथाकथित एवं अनचाहे अध्यक्ष, जिन्हें समाज के कुछ ठेकेदारों ने अपनी दादागिरी के बल पर अध्यक्ष बना दिया और जैसे ही अध्यक्ष गोपाल जांगिड़ (पटोंदा वाले) पद पर आसीन हुए और अपनी तानाशाही, दादगिरी, हठधर्मिता, मानसिक विकलांगता का पूर्णतया परिचय देना शुरू कर दिया |

प्रिय जांगिड़ बंधुओं 31 जनवरी 2018 को जांगिड़ ब्राह्मण समाज समिति के तथाकथित और अनचाहे अध्यक्ष गोपाल जांगिड़ (पटोंदा वाले वाले) ने समाज के सभी मुख्य समाज सम्माननीय बंधुओं के समक्ष लिखित आश्वासन दिया था कि वे 8 अप्रैल 2018 को आम सभा बुलाकर अपना त्यागपत्र देंगे एवं निष्पक्ष चुनाव कराएंगे, तथा समाज़ के समक्ष अपना आय-व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत करेंगे, लेकिन लगभग 5 माह गुजर जाने के बाद भी उन्होंने अपना त्यागपत्र नहीं दिया है | और लगातार समाज को भ्रमित करते आ रहे हैं |

इस संबंध में कुछ बिंदु विचारणीय हैं, जिन पर समाज को ठोस निर्णय लेने की आवश्यकता है |

  1. गोपाल जांगिड़ (पटोंदा वाले) को समाज के कुछ ठेकेदारों ने साजिश के तहत अध्यक्ष बनाया जिससे 15 वर्षों से चले आ रहे भ्रष्टाचार को उजागर नहीं किया जा सके |
  2. गोपाल जांगिड़ (पटोंदा वाले) की इस धोखाधड़ी के खिलाफ आवाज उठाने वाले सम्मानीय समाज बंधुओं की (श्री सत्यनारायण शर्मा, श्री कैलाश जांगिड़ (नौगांव वाले) एवं श्री जमनालाल जी वैध जी की सदस्यता मनमाने तरीके से समाप्त की गई इन सभी को अपमानित करके मानसिक प्रताड़ना दी गई |
  3. गोपाल जांगिड़ (पटोंदा वाले)  द्वारा अध्यक्ष बनने के दिन से निजी स्वार्थ पूर्ति के लिए असंवैधानिक निर्णय लेकर भ्रष्टाचार शुरू कर दिया गया |
  4. 40 वर्ष पुरानी प्याऊ को दुकानदार से पैसा खाकर बंद कर दिया गया और उसके स्थान पर दुकान मनमाने किराए पर दे दी गई और एडवान्स राशी वसूली गयी |
  5. गोपाल जांगिड़ (पटोंदा वाले) के अध्यक्ष बनने के दिन से लेकर आज तक दुकानदारों से लिए गए किराए का पैसा बैंक में भी जमा नहीं करवाया गया है, बल्कि मनमानी तरीके से राशि का दुरुपयोग किया गया |
  6. गोपाल जांगिड़ (पटोंदा वाले) के गैर संवैधानिक कार्यों के खिलाफ जिस भी समाज बंधुओं ने आवाज उठाई उसे फोन पर धमकी दी गई एवं प्रलोभन देकर चुप करवाने की कोशिश की गई है |
  7. गोपाल जांगिड़ (पटोंदा वाले) द्वारासमाज के सम्मानीय सदस्यों के खिलाफ कोर्ट में झूठा इस्तगासा पेश कर पाबंद करवाया, जिससे इनके गलत कार्यों का उजागर नहीं किया जा सके |
  8.  गोपाल जांगिड़ (पटोंदा वाले) ने अपने आप को सर्वे सर्वा मनवाने के लिए समाज बंधुओं से मिलने के लिए पूर्व अनुमति के लिए बाध्य किया |
  9. अध्यक्ष गोपाल जांगिड़ (पटोंदा वाले) द्वारा कार्यकारिणी में उन्हीं लोगों को लिया, जो भ्रष्टाचार में साथ देने के लिए तैयार हैं जिनके पद और नाम इस तरह से हैं, महामंत्री गजानंद जांगिड़, उपाध्यक्ष मुकेश जांगिड़, कोषाध्यक्ष मुरारी लाल जांगिड़, और खुद तथाकथित और अनचाहे अध्यक्ष गोपाल जांगिड़ (पटोंदा वाले) हैं |
  10. बिना आम सहमति से जांगिड़ भवन में पन्द्रह लाख का अनावश्यक निर्माण कार्य करवा कर उसे पच्चीस लाख का बताया, इसके लिए ना तो कोई रूपरेखा बनाई गई और ना ही किसी इंजीनियर से प्रारूप बनवाया गया |
  11. वर्तमान अध्यक्ष गोपाल जांगिड़ (पटोंदा वाले) ने स्वयं की सुख सुविधा के लिए समाज की बिना सहमति के कार्यालय में अनुचित तोड़-फोड़ करके लाखों रुपए की फिजूलखर्ची की |
  12. सामाजिक सहमति के बिना ही दुकानदारों से दस-दस हज़ार रुपये उधार लिए एवं चुकाने के लिए उनसे कहा गया कि आगामी अध्यक्ष से संपर्क करने की बात कही |
  13. गोपाल जांगिड़ (पटोंदा वाले) ने जांगिड़ धर्मशाला पर जगदीश प्रसाद जांगिड़ (पटोंदा वाले) ने अंगीरा विकास ट्रस्ट पर अपनी निजी संपत्ति समझ कर अधिकार कर रखा है एवं महर्षि अंगिरा विकास ट्रस्ट पर इनके भाई जगदीश प्रसाद जांगिड़ (पटोंदा वाले), महेश प्रसाद जांगीड़ (पटोंदा वाले) एवं गोपाल जांगिड़ (पटोंदा वाले) ट्रस्टी हैं जो नियम के विरूद्ध हैं |

उपरोक्त सभी बिंदुओं को दृष्टिगत रखते हुए समाज बंधुओं ने दिनांक धरना शुरू किया, इस पर अध्यक्ष द्वारा समाचार पत्र के माध्यम से धरने पर बैठे लोगों द्वारा समाज समिति में दो फाड़ करने एवं धर्मशाला के मुख्य द्वार पर ताला समिति अध्यक्ष द्वारा लगाया गया धरने पर बैठे समाज बंधुओं से धरने के 12वें  दिन की समाप्ति तक कोई बातचीत नहीं की गई, पटोंदा परिवार द्वारा यह कहा जा रहा है कि हम समाज के ठेकेदार हैं और समाज में हमारी ही दादागिरी चलेगी हमारी बिना सहमति के समाज में कोई पत्ता भी नहीं हिल सकता |

गंगापुर सिटी और देश के सभी जांगिड़ समाज बंधुओं से अपील की जाती है कि तथाकथित एवं अनचाहे अध्यक्ष जो कि पूर्णतया मानसिक विकलांग है, जिनकी  हठधर्मिता, तानाशाही एवं मनमाने मानवीय एवं क्रूरता का व्यवहार को समाप्त करने हेतु समाज का उत्थान करने एवं वर्षों पुरानी जांगिड़ समाज की संपत्ति को बचाने के लिए बिना डरे सामने आयें और उन्हें बता दें कि समाज से बड़ा किसी भी कीमत पर कोई अध्यक्ष नहीं हो सकता |

शर्म आती है ऐसे मानसिक विकलाग लोगों पर जो ये नहीं जानते की समाज़ के बिना इनका कोई वजूद नहीं है, और साथ ही ये सब बातें उनकी परवरिश को दर्शाती है |

आप सभी समाज़ बन्धुओं से निवेदन की इस पर अपनी राय जरुर दें |

जांगिड़ ब्राह्मण समाज़ गंगापुर सिटी

 

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