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राधाकुण्ड की माला विदेशों को सप्लाई ।

राधाकुण्ड की माला विदेशों को सप्लाई ।

विओ गोवर्धन। राधाकुण्ड के बंगाली कारीगरों द्वारा बनाई जाने वाली तुलसी, कमल गट्टी, लाल चंन्दन, पथरी माला, आदि लकड़ी की मालाऐं विदेशों तक सप्लाई होती है। राधाकुण्ड के अनुभवी माला कारीगर मालाओं के जिस तरह बनाते हैं कि छोटा से छोटा एक-एक अक्षर शीशे की तरह दमकता हैं, जिसे पहनाने वाला भी खुशनुमा हो जाए, इसी छाप ने विदेशों में अपनी अनूठी छाप बना ली हैं। देशी-विदेशी भक्त मुड़िया मेला पर गिर्राज परिक्रमा लगाने आते हैं राधाकुण्ड से मालाऐं खरीद कर ले जाते हैं। अभीतक मणिुपर, उडीसा, बाली, इन्डोनेसिया, सिंघापुर, अमेरीका, त्रिरपुरा, चैन्नई, एमपी, दिल्ली, हरयाणा, यूपी, राजस्थान आदि राज्यों में राधाकुण्ड की मालाऐं जा चुकी हैं। वहीं माला विक्रेता ने

हर देवी-देवता की अलग-अलग मालाऐं बताई जिसमें गुरू माला, कंठ माला, वेजन्ती माला, जप माला, गोमुनिया माला, मिदंगी माला, ठोलक माला, कोटन माला, पोथ माला, पथरी माला, बांडिक माला, हल्दी माला, चुटीया माला, जुगल माला जाली माला ,तुलसी माला आदि मालाएं हैं।

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