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लाखेरी सीमेंट उधाेग की कार्यशैली से आमजन मे राेष

लाखेरी सीमेंट उधाेग की कार्यशैली से आमजन मे राेष

लाखेरी – एसीसी सीमेंट उधाेग हमेशा से गरीब मजदुर का शाेषण करता रहा है। कई उधाेग अपने क्षेत्र मे बस रहे लाेगाे के लिये समाजसेवा करते है, स्कुल व स्वास्थय सेवा फ्री देते है, लेकिन कुछ बस्तिया है, जहा के निवासी सालाे से सीमेंट की डस्ट खाकर काल मे समा गये।

निजी माइन्स जिसे पी3 के नाम से भी जाना जाता है, समुंद्र घाट से जाने वाली एसीसी लाइमस्टाेन खदान से गरमपुरा बस्ती इंद्रपुरा, नयापुरा, गांधीपुरा, हरिजन बस्ती,  रेगर माैहल्ला आदि दर्जन भर बस्तिया सटी हुई है, इन बस्तियों में सीमेंट प्लांट के रिटायर्ड मजदूर व उनके परिवार रहते हैं, कई बार खदान मे हाेने वालेे विस्फाेट से पत्थर बस्तियाे मे आ जाते है, व बस्तियाे मे भुकम्प की तरह जमीन हील जाती है, धमाके से बस्तियाे मे बने मकानाे मे दिवार मे दरार हाे जाती है, व खदान मे उडने वाली मिट्टी से पर्यावरण काे नुकसान पहुचा रही है।

वही बस्तियाे मे रहने वाले मजदुर डस्ट मिट्टी की वजह से हजाराे लाेग गुप्त माैत के मुह मे चले गये मगर एसीसी की कार्यशैली से आमजन मे गुस्सा फुट रहा है। आज आस पास की बस्तिया से महिला व पुरुष आवास सुविधा संघर्ष समिति गरमपुरा हिंद मजदुर सभा के संग खदान पर प्रर्दसन किया।

हिंद सभा के अध्यक्ष पप्पु नेता ने बताया नयापुरा से टॉप क्रेसर जाे लाइमस्टाेन के वाहन ट्रेलर आते है, उससे जाे डस्ट उडती है, वह कई जगह सडक सकरी हाेने की वजह से दुर्घटना का भय रहता है। दुसरी जाे खदान के मलवे के ढेर से दिवारे खडी की है वह मिट्टी हवा के साथ बस्तियाे मे घुमती रहती है वह मकानाे मे प्रवेश कर जाती है, जिससे महिलाए परेशान रहती है,  वह डस्ट से बच्चाे व बुजुर्गाे मे दमा स्कीन की बीमारी फेल रही है। बुजुर्ग के खासते खासते फेफडे जवाब दे जाते है, देखने वाली बात यह है कि सबसे ज्यादा टीबी के मरीज भी इन्हीं बस्तियों में पाए जाते हैं।

एसीसी के काले कारनामे पहले भी प्रकाशित किये गये मगर प्रशासन से पेठ हाेने की वजह से कुछ नही हाेता, समाजसेवी संगठन के विराेध के बाद भी दादागिरी मे कमी नही है। आक्राेशित संगठीत लाेगाे ने बेरियर के पास जाम लगा दिया, व एसीसी के प्लांट निदेशक मनाेज जिंदल समझाईस के लिये पहुचे, संगठन व प्रबंधक के बीच काफी मजदुराे तिखी प्रकिया दी व काम रोक दिया गया प्लांट निदेशक ने समाजसेवी संगठन काे शीघ्र समस्या का निदान करने पर आश्वसन दिया।

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